तोटकाष्टकम्
विदिताखिल शास्त्र सुधा जलधेमहितोपनिषत्-कथितार्थ निधे ।हृदये कलये विमलं चरणंभव शंकर देशिक मे शरणम् ॥ 1 ॥ करुणा वरुणालय पालय मांभवसागर दुःख विदून हृदम् ।रचयाखिल दर्शन तत्त्वविदंभव शंकर देशिक मे शरणम् ॥ 2 ॥ भवता जनता सुहिता भवितानिजबोध विचारण चारुमते ।कलयेश्वर जीव विवेक विदंभव शंकर देशिक मे शरणम् ॥ 3 ॥ भव ऎव भवानिति मॆ नितरांसमजायत […]